सुना है की डीडी फ्रीडिश से जी, स्टार, रिश्ते और सोनी के चैनल्स हटने वाले है? DD Freedish ki Baat

सुना है की डीडी फ्रीडिश से जी, स्टार, रिश्ते और सोनी के चैनल्स हटने वाले है? DD Freedish ki Baat

देखिये अगर मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो भारत के टॉप ब्रॉडकास्टर अब अपने प्राइवेट टीवी चैनल्स को दूरदर्शन डी डी फ्री डिश से हटाना चाहते है क्युकी ट्राई के नियम लागू होने से Pay DTH सब्सक्राइबर्स का खर्चा बढ़ गया है. और अब ब्रॉडकास्टर्स, केबल टीवी ऑपरेटर्स, और dth ऑपरेटर सोच रहे है कही ये paid टीवी के सब्सक्राइबर दूरदर्शन के फ्री डिश पर शिफ्ट न हो जाये। अगर ऐसा हुआ तो करोडो उपभोक्ता प्रभावित होंगे। क्युकी वे जी अनमोल, स्टार उत्सव, रिश्ते सिनेप्लेक्स, स्टार भारत और सोनी पल जैसे पॉपुलर चैनल्स का लुत्फ नहीं ले पाएंगे।

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अभी फ्री डिश में उपभोक्ताओं को 80 चैनल्स मिलते हैं, जिनमें राज्यसभा टीवी और लोकसभा टीवी सहित डीडी के 33 चैनल्स होते हैं। यह DTH सर्विस उपभोक्ताओं के लिए लाइफटाइम फ्री है।

सुना है की डीडी फ्रीडिश से जी, स्टार, रिश्ते और सोनी के चैनल्स हटने वाले है?

मान लीजिये अगर सभी पॉपुलर प्राइवेट टीवी चैनल्स अगर चले जाए तो क्या होगा?
होगा क्या, ये प्रसार भारती के लिए सुनहरा मौके की तरह होगा जब वे अपना खुद के मूवी चैनल, बच्चो के चैनल, म्यूजिक चैनल आदि लांच कर सकते है. जब वे सरकारी रेडियो पर म्यूजिक बजा सकते है तो वीडियो चैनल (म्यूजिक चैनल ) क्यों नहीं। और जब दूरदर्शन के सभी चैनल्स मूवी दिखा रहे तो उन्ही मूवी के साथ मूवी चैनल क्यों नहीं, प्रसार भारती के पास तो हर भाषा की मूवी और प्रोग्राम्स है.

तो क्या प्रसार भारती को पुराने प्रोग्राम्स से नए चैनल्स को चालू करना चाहिए।
जब गवर्नमेंट ने अपने आप को बदला है नए भारत का सपना (#NewIndia )दिखाया है तो दूरदर्शन के चैनल्स पर नेटफ्लिक्स, अमेज़न, एरोस, टी सीरीज़, आदि प्रोडूसर्स का नया कंटेंट क्यों नहीं ला सकते है. advertisement में प्रॉफिट शेयरिंग के हिसाब से अच्छे से अच्छा कंटेंट फ्री में दिखाए और ज्यादा से ज्यादा कमाए.

तो क्या फ्रीडिश को इ-ऑक्शन बंद कर देना चाहिए ?
नहीं, मेरे हिसाब से बिलकुल नहीं क्युकी नए फ्री टू एयर चैनल को भी मौका देना चाहिए अपने प्रोग्राम्स के द्वारा पोपुलर होने का. ताकि वो भी भविष्य में पे चैनल बन सके. इससे फ्री डिश के लोगो को नया चैनल और नया प्रोग्राम और कंटेंट मिलेगा. पर ये बिलकुल सटीक समय है दूरदर्शन को अपने चैनल्स में वदलाव् लाने का.

फिर प्रसार भारती ज्यादा से ज्यादा कमायेगा कहाँ से ?
जब खुद के अच्छे चैनल्स होंगे और पॉपुलर होंगे तो advertisement से भी कमाई होगी और स्लॉट के सब्सक्रिप्शन से भी कमाई होगी। लेकिन खुद को बदलना समय की मांग है.

फिर पुराने कंटेंट या प्रोग्राम्स का क्या होगा जो दूरदर्शन की लाइब्रेरी में भरी पड़ी है?
उसके लिए दूरदर्शन नए चैनल्स चालू कर सकता है जैसे दूरदर्शन गोल्ड या दूरदर्शन क्लासिक्स या भारत टीवी या कुछ भी.

जब पॉपुलर चैनल्स ही नहीं रहेंगे तो कोई क्यों अपना बॉक्स iCAS बॉक्स से बदलेगा?
बिलकुल सही प्रश्न है, पर सोचो अगर दूरदर्शन का अपना मूवी चैनल हो, अपना कार्टून चैनल हो, अपना म्यूजिक चैनल हो, वो भी सभी भाषाओं में अलग अलग तो क्यों नहीं लोग बदलेंगे। लोगो को मनोरंजन चाहिए चैनल्स की भीड़ भाड़ नहीं।

तो डी डी फ्रीडिश पर केवल दूरदर्शन चैनल्स ही रहेंगे?
नहीं बिलकुल नहीं, अभी हाल की न्यूज़ के हिसाब से केवल बस टॉप चैनल्स नहीं रहेंगे। तो दूसरे चैनल टॉप बन जायेगे में बस दूरदर्शन के चैनल्स को टॉप करने की कह रहा हु बस.

कृपया ध्यान दे : यह लेख लोगो की कमैंट्स के द्वारा प्राप्त हुए प्रश्नो के आधार पर है, यह कोई न्यूज़ या अपडेट नहीं है, और फ़िलहाल सच तो बिलकुल नहीं है, सारे उत्तर लेखक ने कल्पना शक्ति के द्वारा दिए है. दिल पर न ले 🙂 अगर सही लगे तो शेयर और कमेंट करे, ज्यादा से ज्यादा प्रश्न पूछे ताकि उनको भी यहाँ जोड़ा जा सके.

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